पर्यावरण अध्ययन एक एकीकृत विषय-क्षेत्र है"
पर्यावरण अध्ययन ऐसा क्षेत्र है जिससे सभी जुड़े हुए हैं पर्यावरण हमें हमारे पास होने वाली गतिविधियों से परिचित कराते हैं और हम पर्यावरण से प्रतिदिन कुछ ना कुछ नया सीखते हैं पर्यावरण अध्ययन हमें प्रकृति से जोड़े रखता है विद्यार्थी प्रकृति में होने वाले परिवर्तन तथा अवलोकन कर गतिविधि करता है तथा यह जानता है कि प्रकृति किस प्रकार परिवर्तन करती है और सभी सभी चीजों को समायोजित करती है पर्यावरण का कार्य क्षेत्र विस्तृत है जिससे हमें नित्य प्रतिदिन नई चीज़ सीखने को प्राप्त होती है ऐसे परिवर्तन के माध्यम से बच्चे सीखते हैं इसे हम एक उदाहरण से समझ सकते हैं जब हम एक छोटे से पौधे को जमीन में अंकुरण हेतु छोड़ते हैं तो उस पौधे की वृद्धि उसमें परिवर्तन एवं फल और फूल की क्रिया विद्यार्थी अवलोकन के माध्यम से प्राप्त कर लेता है और वह जान लेता है कि पर्यावरण परिवर्तन के माध्यम से किस प्रकार यह हुआ है इस प्रकार पर्यावरण किसी गतिविधि को सहजता से प्रदर्शन करने में सक्षम होता है पर्यावरण का क्षेत्र एक सीमा तक सीमित ना होकर अनंत होता...